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Vidhan Sabha
कार्य मंत्रणा समिति

नियम २२३- समिति का गठन-

(१) अध्यक्ष द्वारा नाम-निर्देशित एक समिति होगी जिसे कार्य-मंत्रणा समिति कहा जायगा। जिसमें अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को सम्मिलित करके १५ से अनधिक सदस्य होंगे। अध्यक्ष इस समिति के पदेन सभापति होंगे।

(२) यदि किसी कारण से अध्यक्ष समिति के उपवेशन में पीठासीन होने में असमर्थ हों तो उपाध्यक्ष उस बैठक के सभापति होंगे। यदि किसी कारणवश ये दोनों ही पीठासीन होने में असमर्थ हों तो अध्यक्ष समिति के सदस्यों में से उस उपवेशन के लिये सभापति नाम-निर्देशित करेंगे।

नियम २२४- समिति के कृत्य-

(१) समिति का यह कृत्य होगा कि वह ऐसे विधेयकों तथा अन्य सरकारी कार्य के प्रक्रम या प्रक्रमों पर चर्चा  के लिये समय नियत करने के सम्वन्ध में सिफारिश करें, जिन्हें अध्यक्ष सदन-नेता के परामर्श से समिति को निर्दिष्ट करने के लिये निर्देश  दें।

(२) समिति को प्रस्थापित समय-सूची में यह दर्शाने की शक्ति होगी कि विधेयक या अन्य सरकारी कार्य के विभिन्न प्रक्रम किस समय पूरे होंगे।

(३) समिति के लिये सदन के कार्य से सम्बन्धित ऐसे अन्य कृत्य भी निर्दिष्ट किये जा सकेंगे जिन्हें अध्यक्ष समय-समय पर विनिश्चित करें।

नियम २२५- समिति के प्रतिवेदन-

किसी विधेयक या विधेयक समूह या अन्य कार्य के संबंध में समिति द्वारा सिफारिश की गयी समय-सारिंणी की सूचना साधारणतया सदस्यों को पत्र द्वारा, सदन को अध्यक्ष द्वारा प्रतिवेदन किये जाने से कम से कम एक दिन पूर्व दी जायेगी।

नियम २२६- समय का बंटवारा-

(१) सदन को सूचित किये जाने के बाद यथासम्भव शीध्र अध्यक्ष द्वारा, नाम-निर्दिष्ट समिति के किसी भी सदस्य द्वारा यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा सकेगा:

    "कि यह सदन समिति द्वारा प्रस्थापित समय के बंटवारे को स्वीकार करता है"।

(२) जब ऐसा प्रस्ताव सदन द्वारा स्वीकृत हो जाय तो वह उसी प्रकार प्रभावी होगा जैसे कि वह सदन का आदेश हो:

                परन्तु यह संशोधन प्रस्तुत किया जा सकेगा कि प्रतिवेदन या तो बिना परिसीमा के या किसी विशेष विषय के संबंध में समिति को पुर्निर्दिष्ट कर दिया जाय:

                किन्तु प्रस्ताव पर चर्चा के लिये आधे घंटे से अधिक समय नियत नहीं किया जायेगा और कोई सदस्य ऐसे प्रस्ताव पर पांच मिनट से अधिक नहीं बोलेंगे ।

नियम २२७- निश्चित समय पर अवशिष्ट विषयों का निस्तारण-

सदन के संकल्प के अनुसार निश्चित समय पर किसी विधेयक के किसी विशेष प्रक्रम अथवा अन्य कार्य को पूरा करने के लिये अध्यक्ष विधेयक के उस प्रक्रम अथवा अन्य कार्य से सम्बन्धित समस्त अवशिष्ट विषयों को निपटाने के लिये प्रत्येक आवश्यक प्रश्न तुरन्त रखेंगे ।

नियम २२८- समय के बंटबारे में परिवर्तन- 

सदन द्वारा विनिश्चित समय-सूची में कोई परिवर्तन नहीं किया जायगा जब तक कि सदन नेता द्वारा प्रार्थना न की जाय और उस दशा में वह मैखिक रूप से सदन को अभिसूचित करेंगे कि ऐसे परिवर्तन के लिये सामान्य सहमति है और अध्यक्ष सदन का अभिप्राय जानकर उस परिवर्तन को प्रवर्तित करेंगे।

वर्ष 2013-2014 कार्य मंत्रणा समिति के पदेन सभापति : माननीय श्री माता प्रसाद पाण्‍डेय
वर्ष 2013-2014 कार्य मंत्रणा समिति के सदस्यों की सूची
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