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Vidhan Sabha
नियम समिति

नियम २४७- समिति का गठन-

उत्तर प्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य-संचालन नियमावली के संबंध में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को सम्मिलित करके १५ से अनधिक सदस्यों की एक समिति होगी, शेष सदस्य अध्यक्ष द्वारा नाम-निर्देशित किये जायेंगे।

नियम २४८- समिति के कृत्य-

समिति के कृत्य यह होंगे कि वह सदन की प्रक्रिया तथा कार्य-संचालन के विषय पर विचार करे और उसके नियमों में ऐसे संशोधनों तथा वृद्धियों की सिफारिश करे जो आवश्यक समझे जायें।

नियम २४९- नियमों में संशोधन की सूचना-

कोई सदस्य इस नियमावली के नियमों में संशोधनों की सूचना दे सकेंगे, किन्तु ऐसी सूचना के साथ संशोधन के उददेश्य और कारणों का विवरण संलग्न होगा। अध्यक्ष ऐसी सूचना के प्राप्त होने पर यदि वह अनियमित न हो, उसे नियम समिति के विचारार्थ निर्दिष्ट करेंगे।

नियम २५०- समिति का सभापति-

अध्यक्ष इस समिति के पदेन सभापति होंगे। यदि अध्यक्ष किसी कारण से समिति के सभापति के रूप में कार्य करने में असमर्थ हों तो उपाध्यक्ष उस उपवेशन के सभापति होंगे। यदि वे दोनों ही किसी कारण से पीठासीन होने में असमर्थ हों तो अध्यक्ष समिति के सदस्यों में से किसी को उस बैठक का सभापति नाम-निर्देशित करेंगे।

नियम २५१- नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया-

(क) समिति की सिफारिश सदन के पटल पर रखी जायेगी और इस प्रकार पटल पर रखे जाने के दिन से आरम्भ होकर १४ दिन की कालावधि के भीतर कोई सदस्य ऐसी सिफारिशों में किसी संशोधन, जिसमें समिति की सभी या किसी सिफारिश को समिति के पुनर्विचारार्थ निर्दिष्ट किये जाने का प्रस्ताव भी सम्मिलित है, की सूचना संशोधन करने के उद्देश्य और कारणों सहित दे सकेंगे।

(ख) यदि उप नियम (क) में उल्लिखित कालावधि के भीतर समिति की सिफारिशों में संशोधन की सूचना न दी जाय तो उस अवधि की समाप्ति पर समिति की सिफारिशें सदन द्वारा स्वीकृत समझी जायेंगी और नियमों में सम्मिलित कर ली जायेंगी।

(ग) यदि उप नियम (क) में विहित कालावधि के भीतर किसी संशोधन की सूचना प्राप्त हो तो अध्यक्ष ऐसे संशोधनों को जो ग्राह्य हों, समिति को निर्दिष्ट कर देंगे और समिति ऐसे संशोधनों पर विचार करके अपनी सिफारिशों में ऐसा परिवर्तन कर सकेगी जो वह उचित समझें।

(घ) उप नियम (ग) में उल्लिखित संशोधनों पर विचार करने के उपरान्त समिति का अंतिम प्रतिवेदन सदन के पटल पर १० दिन तक रखा जायगा और यदि इस कालावधि के भीतर समिति द्वारा पुनर्विचारोपरान्त किये गये निर्णयों में किसी संशोधन की सूचना कारण और उद्देश्य सहित प्राप्त हो तो अध्यक्ष ऐसे संशोधन को, जो ग्राह्य हो, सदन के विचारार्थ रखेंगे, अन्यथा समिति का प्रतिवेदन सदन, द्वारा स्वीकृत समझा जायगा और प्रतिवेदन में की गयी सिफारिशें नियमावली में सम्मिलित कर ली जायेंगी।

वर्ष 2013-2014 नियम समिति समिति के पदेन सभापति : माननीय श्री माता प्रसाद पाण्‍डेय
वर्ष 2013-2014 नियम समिति के सदस्यों की सूची
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