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Vidhan Sabha
विशेषाधिकार समिति

नियम २६३- समिति का गठन-

अध्यक्ष एक विशेषाधिकार समिति नाम-निर्देशित करेंगे, जिसमें उपाध्यक्ष को सम्मिलित करके कुल १० सदस्य होंगे। उपाध्यक्ष इस समिति के सभापति होंगे।

नियम २६४- गणपूर्ति -

समिति का उपवेशन गठित करने के लिये गणपूर्ति पांच होगी।

                परन्तु साक्ष्य लेने के प्रयोजनार्थ उपवेशन गठित करने के लिये गणपूर्ति की आवश्यकता नहीं होगी।

नियम २६५- विशेषाधिकार समिति द्वारा प्रश्नों की जांच तथा उसकी प्रक्रिया -

(१) विशेषाधिकार समिति को निर्दिष्ट होने पर उस व्यक्ति को जिसके विरूद्व शिकायत की गयी है प्रमुख सचिव द्वारा शिकायत की एक प्रति इस अनुरोध के साथ भेज दी जायेगी कि एक निश्चित तिथि तक, यदि वह चाहें तो, शिकायत के संबंध में अपना लिखित वक्तव्य प्रमुख सचिव को भेज दें। लिखित वक्तव्य प्रस्तुत करने की तिथि व्यतीत होने के उपरान्त समिति यदि आवश्यक समझे, तो जांच के हेतु शिकायत करने वाले व्यक्ति तथा उस व्यक्ति को, जिसके विरूद्व शिकायत की गयी हो, एक निश्चित तिथि, समय और स्थान पर अपने समक्ष उपस्थित होने के लिये बुला सकेगी।

(२) ऐसा व्यक्ति, यदि वह चाहे तो अधिवक्ता द्वारा भी अपना पक्ष समिति के समक्ष उपस्थित करा सकेगा।

(३) यदि उपस्थित होने के लिये अदिष्ट-पक्ष नियत तिथि पर उपस्थित होने में असमर्थ है तो वह समिति को उन कारणों की सूचना देगा। समिति दिये गये कारणों को देखते हुए उस विषय पर विचार स्थगित कर सकेगी जिससे कि वह पक्ष उपस्थित हो सके । किन्तु यदि समिति यह समझे कि अनुपस्थिति के समुचित कारण नहीं हैं या पक्ष जान-बूझकर अनुपस्थित रहा है तो समिति उस पक्ष के विरूद्व उसकी अनुपस्थिति में ही विषय पर विचार करके अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सकेगी तथा उसके विरूद्व आदेश भंग की सूचना सदन के समक्ष उचित कार्यार्थ रख सकेगी।

नियम २६६- समिति द्वारा प्रश्न की जांच-

साक्ष्य के प्रकाश में और उस मामले की परिस्थितियों के अनुसार समिति उस समय प्रश्न की जांच करेगी और इस बात का निर्णय करेगी कि क्या किसी विशेषाधिकार की अवहेलना हुई है अथवा अवमान हुआ है तथा यह देखेगी कि किस प्रकार की अवहेलना हुई है और किन परिस्थितियों के कारण हुई है और ऐसी सिफारिशें करेगी जिन्हें वह ठीक समझें।

नियम २६७- समिति के सदस्यों की निर्योग्तायें-

शिकायत करने वाले सदस्य अथवा वह सदस्य जिनके विरूद्व शिकायत की गयी हो, यदि समिति के सदस्य हों तब तक समिति में नहीं बैठेंगे जब तक कि उनके द्वारा अथवा उनके विरूद्व यथास्थिति की गयी शिकायत का विषय समिति के समक्ष विचाराधीन हो।

नियम २६८- विशेषाधिकार समिति का उपवेशन-

विशेषाधिकार समिति विशेषाधिकार अथवा अवमान के प्रश्न के निर्दिष्ट किये जाने के उपरान्त यथाशीध्र और उसके बाद समय-समय पर जब तक कि यथास्थिति सदन अथवा अध्यक्ष द्वारा नियत समय के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत न कर दिया जाय, समवेत होगी:

                परन्तु जब प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिये कोई समय नियत न किया गया हो तो प्रतिवेदन निर्देशन के दिनांक से एक मास के भीतर प्रस्तुत किया जायेगा:

                                किन्तु अध्यक्ष अथवा सदन, यथास्थिति, समिति द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जाने की तिथि को समय-समय पर बढ़ा सकेंगे ।

नियम २६९- समिति का प्रतिवेदन-

समिति के प्रतिवेदन में यह दर्शाया जायगा कि क्या विशेषाधिकार की अवहेलना हुई है अथवा अवमान हुआ है और उसकी राय में क्या दण्ड दिया जाना चाहिए। यदि क्षमा मांगी गयी हो तो समिति यह भी सिफारिश कर सकेगी कि क्षमा याचना स्वीकार की जाये।

वर्ष 2013-2014 विशेषाधिकार समिति के सभापति : श्री शिवेन्द्र सिंह उर्फ शिव बाबू
वर्ष 2013-2014 विशेषाधिकार समिति के सदस्यों की सूची
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