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Vidhan Sabha
लोक लेखा समिति

नियम २२९-

समिति का गठन-

(१) राज्य के विनियोग-लेखे और उन पर भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन, राज्य के वार्षिक वित्तीय विवरण या ऐसे अन्य लेखों या वित्तीय विषयों की जो उसके सामने रखे जायं या उसको निर्दिष्ट किये जायं या समिति जिनकी जांच करना आवश्यक समझे, जांच करने के लिये एक लोक लेखा समिति होगी।

(२) लोक लेखा  समिति में २१ से अनधिक सदस्य होंगे जो प्रत्येक वर्ष सदन द्वारा उसके सदस्यों में से अनुपाती प्रतिनिधित्व सिद्धान्त के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा निर्वाचित किये जायंगे :

                परन्तु कोई मंत्री समिति के सदस्य नियुक्त नहीं किए जायेंगे और यदि समिति के कोई सदस्य मंत्री नियुक्त किये जायं तो वे ऐसी नियुक्ति की तिथि से समिति के सदस्य नहीं रहेंगे।

(३) सभापति समिति के सदस्यों में से निर्वाचित किया जायगा।

नियम २३०-

 समिति के कृत्य-

(१) राज्य के विनियोग लेखे और उन पर भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन का निरीक्षण करते समय लोक- लेखा समिति का यह कर्त्तव्य़ होगा कि वह अपना समाधान कर ले कि-

(क) जो धन लेखे में व्यय के रूप में प्रदर्शित किया गया है वह उस सेवा या प्रयोजन के लिये विधिवत उपलब्ध और लगाये जाने योग्य था जिसमें वह लगाया या भारित किया गया है,

(ख) व्यय प्राधिकार के अनुरूप है, जिसके वह अधीन है, और

(ग) प्रत्येक पुनर्विनियोग ऐसे नियमों के अनुसार किया गया है जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित किये गये हों।

(२) लोक लेखा समिति का यह भी कर्त्तव्य़ होगा-

(क) राज्य व्यापार तथा निर्मांण योजनाओं की आय तथा व्यय दिखाने वाले लेखा विवरणों को तथा संतुलन-पत्रों और लाभ तथा हानि के लेखों के ऐसे विवरणों की जाँच करना जिन्हें तैयार करने की राज्यपाल ने अपेक्षा की हो, जो किसी विशेष राज्य व्यापार संस्था या परियोजना के लिये वित्तीय व्यवस्था विनियमित करने वाले संविहित नियमों के उपबन्धों के अन्तर्गत तैयार किये गये हों, और उन पर नियंत्रक महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन की जांच करना,

(ख) स्वायत्तशासी तथा अर्धस्वायत्तशासी निकायों की आय तथा व्यय दिखाने वाले लेखा विवरण की जांच करना, जिसकी लेखा परीक्षा भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक द्वारा राज्यपाल के निर्देशों के अन्तर्गत या किसी संविधि के अनुसार कही जा सके, और

(ग) उन मामलों में नियंत्रक महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन पर विचार करना जिनके संबंध में राज्यपाल ने उससे किन्हीं प्राप्तियों की लेखा परीक्षा करने की या भण्डार के और स्कन्धों के लेखों की परीक्षा करने की अपेक्षा की हो।

(३) ऐसे समस्त कृत्य जो राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों निगमों से संबंधित हों, लोक-लेखा समिति के अधिकार क्षेत्र व कृत्यों के बाहर होंगे।

वर्ष 2013-2014 लोक लेखा समिति के सभापति : श्री धरम सिंह सैनी
वर्ष 2013-2014 लोक लेखा समिति के सदस्यों की सूची
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