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Vidhan Sabha
प्राक्कलन समिति
   

नियम २३१-

 समिति का गठन-

(१) ऐसे प्राक्कलनों की परीक्षा के लिये जो समिति को ठीक प्रतीत हों या उसे सदन द्वारा विशेष रूप से निर्दिष्ट किये जायें, एक प्राक्कलन समिति होगी।

(२) समिति में २५ से अनधिक सदस्य होंगे, जो सदन द्वारा प्रत्येक वर्ष उसके सदस्यों में से अनुपाती प्रतिनधित्व सिद्वान्त के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा निर्वाचित किये जायेंगे:

                परन्तु कोई मंत्री समिति के सदस्य नियुक्त नहीं किये जायेंगे और यदि समिति के कोई सदस्य मंत्री नियुक्त जायें तो वे ऐसी नियुक्ति की तिथि से समिति के सदस्य नहीं रहेंगे ।

   

नियम २३२-

समिति के कृत्य-

(१) समिति के कृत्य ये होंगे:-

(क) प्राक्कलनों में अन्तर्निहित नीति से संगत क्या मितव्ययितायें, संगठन में सुधार, कार्यपटुता या प्रशासनिक सुधार किये जा सकते हैं; इस संबंध में प्रतिवेदित करना;

(ख) प्रशासन में कार्यपटुता और मितव्ययिता लाने के लिये वैकल्पिक नीतियों का सुझाव देना;

(ग) प्राक्कलनों मे अन्तर्निहित नीति की सीमा में रहते हुए धन ठीक ढंग से लगाया गया है या नहीं, इसकी जांच करना, तथा

(घ) प्राक्कलन किस रूप में सभा में उपस्थित किये जायेंगे, इसका सुझाव देना।

(२) समिति प्राक्कलनों की जांच वित्तीय वर्ष के भीतर समय-समय पर जारी रख सकेगी और जैसे-जैसे वह जांच करती जाय, सदन को प्रतिवेदित कर सकेगी। समिति के लिये यह अनिवार्य न होगा कि किसी एक वर्ष के समस्त प्राक्कलनों की जांच करे। इस बात के होते हुए भी कि समिति ने कोई प्रतिवेदन नहीं दिया है अनुदानों की मांगों पर अन्तिम रूप से मतदान हो सकेगा।

वर्ष 2013-2014 प्राक्कलन समिति के सभापति : श्री शिवेन्द्र सिंह उर्फ शिव बाबू
वर्ष 2013-2014 प्राक्कलन समिति के सदस्यों की सूची
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