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Vidhan Sabha
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अध्याय-2 सदस्यों का आह्वान तथा उनके बैठने की व्यवस्था
 

4­-सभा का आह्वान-

(१) समय­-समय पर सभा का आह्वान राज्यपाल द्वारा नियत समय और स्थान पर समवेत् होने के लिये किया जायेगा।

अनु0 174(1)
 

(२) उप नियम (१) के अन्तर्गत सदस्यों को आह्वान­-पत्र इस प्रकार नियत तिथि से साधारणतया चौदह दिन पूर्व प्रमुख सचिव द्वारा निर्गत किये जायेंगे :

 
 

               परन्तु यदि सत्र अल्पसूचना पर या आपातिक रूप में बुलाया जाय तो प्रत्येक सदस्य को आह्वान-पत्र पृथक-पृथक निर्गत करना आवश्यक न होगा, किन्तु तिथि, समय एंव स्थान का प्रख्यापन गजट तथा समाचार-पत्रों में प्रकाशित कर दिया जायेगा और सदस्यों को तार द्वारा सूचित किया जायेगा।

 

5­-शपथ अथवा प्रतिज्ञान-

­सदन के प्रत्येक सदस्य अपना स्थान गृहण करने से पहले राज्यपाल अथवा उनके द्वारा एतदर्थ नियुक्त व्यक्ति के समक्ष, अनुच्छेद 188 के अधीन उस रूप में जो कि संविधान की तीसरी अनुसूची में एतदर्थ विहित है, शपथ गृहण करेंगे अथवा प्रतिज्ञान करेंगे तथा उस पर एवं एतत् प्रयोजनार्थ रखी गयी पंजी में, हस्ताक्षर करेंगे।

अनु0 188

6­-सदस्यों की आसन व्यवस्था-

(क)     सदस्य साधारणतः अध्यक्ष द्वारा निर्धारित व्यवस्थानुसार बैठेंगे।

(ख)     कोई भी अन्य व्यक्ति उस आसन पर नहीं बैठेगा जो सभा मण्डप में सदस्यों के लिये अभिप्रेत है।

अनु0 193

7­-अनुच्छेद 193 के उपबन्धों के अधीन दण्ड विधि या विधान­-

कोई भी व्यक्ति जिसके संबध में अध्यक्ष यह निश्चित करे कि वह अनुच्छेद १९३ के अधीन दोषी है एतदर्थ उपबन्ध शास्ति का भागी होगा। इस संबंध में अध्यक्ष का निर्णय अन्तिम होगा।

अनु0 193

 

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