श्री कल्याण सिंह

जीवन परिचय

 

जन्म

अलीगढ़, 5 जनवरी, 1932

शिक्षा

बी00, एल0 टी0, आगरा विश्वविद्यालय।

कार्यक्षेत्र

कृषि, राजनीति, साहित्य, समाजसेवा एवं शिक्षा।

शिक्षक

एक सफल एवं योग्य अध्यापक रहे।

राजनीति

·        वर्ष 1962 में राष्ट्र नेता एवं विख्यात राजनैतिक चिन्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरित होकर राजनीति में प्रवेश किया। संसदीय विषयों के अच्छे ज्ञाता होने के साथ ही वे प्रभावशाली वक्ता भी हैं।

·        वर्ष 1967, 1969, 1974, 1977, 1985, 1989, 1991, 1993, 19962002 में दसवीं बार उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य निर्वाचित।

·        उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में 4 जुलाई, 1977 से 11 फरवरी, 1979 तक स्वास्थ्य मंत्री।

·        दो बार (1991 तथा 1997) में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री।

·        वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री।

·        दो बार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (19841987)।

·        उत्तर प्रदेश विधान सभा में नेता विरोधी दल 4 दिसम्बर, 1993 से 12 जून, 1995 तक रहे।

·        लोक सभा सदस्य 2004 एवं 2009।

·        राज्य विधान सभा में भाजपा विधान मण्डल दल के नेता तथा भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष रहे।

·        जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर के विभिन्न संगठनात्मक पदों पर रहते हुए उन्होंने अपनी संगठन क्षमता और कार्य कुशलता की जबरदस्त छाप छोड़ी। किसानों, मजदूरों और जनता की समस्याओं के लिए सात बार जेल गये तथा आपातकाल में 20 माह तक जेल की कठोर सजा काटी।

साहित्यिक

साहित्य के प्रति गहरी अभिरूचि है तथा स्वयं एक रचनाकार और संवेदनशील व्यक्ति हैं। आपातकाल में वाराणसी जेल में उनके द्वारा 12 गीतों की रचना की गई। भाजपा का ''किसान गीत '' भी उन्हीं के द्वारा रचित है।

विदेश यात्रा

·        स्वास्थ्य मंत्रियों के प्रतिनिधि मण्डल के सदस्य के रूप में आपने थाईलैण्ड, इंडोनेशिया तथा सिंगापुर की यात्रा की।

·        श्री कल्याण सिंह ने अपनी प्रशासनिक क्षमता तथा ईमानदारी और कर्मठता के फलस्वरूप एक नयी छवि का निर्माण किया। वह प्रबल इच्छा शक्ति तथा दृढ़ संकल्प के धनी हैं।

सम्प्रति

निर्दलीय सांसद

वर्तमान पता

20, कापर निकस मार्ग, नई दिल्ली-110001

स्थायी निवास

ग्राम व पोस्ट मढौली, निसफी अशर्फाबाद, तहसील- अतरौली, जिला- अलीगढ़, उत्तर प्रदेश।