डा0 सम्पूर्णानन्द

जीवन परिचय

जन्म

बनारस, 1 जनवरी, 1890।

शिक्षा

बी0एससी0, एल0टी0, इलाहाबाद विश्वविद्यालय।

कार्यक्षेत्र

राजनीति, साहित्य, समाज सेवा एवं शिक्षा।

शिक्षक

 

एक सफल एवं योग्य प्राध्यापक रहे। लंदन मिशन हाईस्कूल, वाराणसी, प्रेम महाविद्यालय, वृन्दावन, प्रिंसेज कालेज, इंदौर, डूंगर कालेज, बीकानेर तथा काशी विद्यापीठ वाराणसी में अध्यापन कार्य किया।

राजनीति

·         1936 में उ0 प्र0 विधान सभा के सदस्य रहे। सर्वप्रथम विधान सभा की स्थापना के समय वर्ष 1937 में उत्तर प्रदेश विधान सभा सदस्य निर्वाचित हुए।

·         पुनः वर्ष 1946, 1952, 1957 में उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य निर्वाचित।

·         1937-39 एवं वर्ष 1946 में पं0 गोविन्द बल्लभ पंत के मंत्रिमण्डल में मंत्री।

·         पहली बार 28 दिसम्बर, 1954 से 9 अप्रैल, 1957 तथा दूसरी बार 10 अप्रैल, 1957 से 6 दिसम्बर, 1960 तक उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री रहे।

·         राजस्थान के राज्यपाल।

·         वर्ष 1921 के असहयोग आन्दोलन में भाग लिया।

·         राष्ट्रीय आन्दोलन में कई बार जेल गये।

·         सभापति हिन्दी साहित्य सम्मेलन पूना, 1945।

·         प्रदेशीय कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्र्रेटरी।

·         पं0 मोतीलाल नेहरू के सेक्रेटरी।

·         उत्तर प्रदेश के प्रशासन में शिक्षा, श्रम, वित्त तथा गृह विभागों में अग्रणीय कार्य किया।

·         जेलों का सुधार किया।

साहित्यिक

 

·         इतिहास, दर्शन, समाज शास्त्र, ज्योतिष, गणित तथा साहित्य और विभिन्न भाषाओं के सम्मानित विद्वान।

·         ''चिद्विलास'', ''आयों का आदि देश'', ''समाजवाद'', अन्तर्राष्ट्रीय विधान'', ''पृथ्वी से सप्तर्षी मण्डल'', ''गणेश'' आदि 28 ग्रन्थों की रचना।

·         समाजवाद तथा चिद्विलास पर दो बार मंगला प्रसाद पारितोषिक।

·         अन्य ग्रन्थों पर उत्तर प्रदेश सरकार से दो बार पारितोषिक।

·         बनारस के दो समाचार पत्रों ''आज'' तथा ''टूडे'' का सम्पादन।

निधन

1969 को देहावसान।